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दिल की दुरी................. 12 Aug 2013 | 08:14 pm

दिल की दुरी को कदमो से ना मिटा सके । जज्बातों की आग को ना आँखों से बुझा सके ।। एक वादा था उस मोड़ तक साथ चलने का । जिसे न तुम निभा सके न हम निभा सके ।। -----------------------------------------...

उनसे मोहब्बत हो गयी.................. 16 Jul 2013 | 07:31 pm

वाकिया ये हुआ की उनसे मोहब्बत हो गयी. उन के दीदार में खुदा की इबादत  हो गयी . अक्सर दूरिया इश्क की सिद्दत को बड़ा देती है . इसलिए तो उनकी दर भी जियारत हो गयी .... Wakiya Ye Hua Ki Unse Mohabbat Ho ...

आँखों ने आँखों से बाते कर ली................ 10 Jun 2013 | 08:22 am

आँखों ने आँखों से बाते  कर ली । लबो ने लबो से मुलाकाते कर ली  ॥ एक यही कमी थी मेरे जीवन में । तुमने पूरी जीसे गुनगुनाते कर ली॥ © Shkehar Kumawat

आँखों ने आँखों से बात कर ली............ 8 Jun 2013 | 04:57 pm

आँखों ने आँखों से बात कर ली । लबो ने लबो से मुलाकर कर ली  ॥ एक यही कमी थी मेरे जीवन में । तुमने पूरी जीसे गुनगुनाते कर ली॥ © Shkehar Kumawat

आइना टूट गया होगा ............ 3 May 2013 | 12:43 am

मुझे यकीन है की तेरा आइना टूट गया होगा . तुझे भी चहरे पे  नकाब दिख गया होगा. तेरी तो निगाहे ही कुछ ऐसी है झालिम. की आइना खुद - ब - ख़ुद टूट गया होगा. © Shkehar Kumawat

" वाह क्या ताज है "......... 25 Apr 2013 | 07:12 pm

ये मोहब्बत की क्या खूब इबादत है | फरिस्ते भी दुआ मांगे ऐसी जियारत है || गजब का करिश्मा है उनकी कारीगरी में | जो हर शक्श कहे @ " वाह क्या ताज है "|| © Shkehar Kumawat

एक खता........ 22 Apr 2013 | 07:12 pm

एक खता हमसे नहीं होती । एक खता उनसे नहीं होती ॥ ना जाने कोनसी खता हुई हमसे । जो ये खता फिर से नहीं होती  ॥ © Shkehar Kumawat

जीने नहीं देता ......... 22 Mar 2013 | 08:44 pm

फासला तुम्हे भूलने नहीं देता. खुली आँखों में खवाब दिखा देता. ये कैसी कसम दिलाई है तुमने. जो जीकर भी जीने नहीं देता .... © Shkehar Kumawat

खुदा की इबादत ........ 21 Mar 2013 | 08:31 pm

मोहब्बत भी गजब की शय होती है.. कभी दर्द तो कभी दवा होती है . गर हो जाये ये हसीन खता किसी से .. तो खता भी खुदा की इबादत होती है ...... © Shkehar Kumawat 

तड़फोगे तुम भी.... 16 Feb 2013 | 07:11 pm

तड़फोगे तुम भी उतना जितना तड़फाओगे | हाले दिल तमाम खुद ब खुद जान जाओंगे || गर है कोई शिकवा मुझसे तो दूर करलें | वरना एक रोज तुम बहुत पछताओगे || © Shekhar Kumawat

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