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"राष्ट्र हित मे आप भी इस मुहिम का हिस्सा बने" 27 Feb 2013 | 01:30 pm

सन 1945 मे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की तथाकथित हवाई दुर्घटना या उनके जापानी सरकार के सहयोग से 1945 के बाद सोवियत रूस मे शरण लेने या बाद मे भारत मे उनके होने के बारे मे हमेशा ही सरकार की ओर से गोलमोल जव...

भाई हद्द है !! 10 Feb 2013 | 07:13 am

एक थैली मे रहें दिन रात.... भाई हद्द है ... और उधर संसद मे जूता-लात... भाई हद्द है आपके पैसे की रिश्वत आप को सड़क बिजली घर की लालच आपको चुनावी मौसम मे सेवक आपके जीत कर पूंछें न अपने बाप को आप ही के ध...

सर कटा भी है सर झुका भी है.... 13 Jan 2013 | 06:06 pm

                  खबर है कि सीमा पर पाकिस्तान फ्लैग वार्ता करने को तैयार है... तैयार है मतलब? जिसने पड़ोसी और शान्ति के लिए बार बार पहल करने वाले स्वयंभू दुनिया के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक राष्ट्र की सी...

चला गजोधर कौड़ा बारा(अवधी) 7 Jan 2013 | 10:31 am

कथरी कमरी फेल होइ गई अब अइसे न होइ गुजारा चला गजोधर कौड़ा बारा... गुरगुर गुरगुर हड्डी कांपय अंगुरी सुन्न मुन्न होइ जाय थरथर थरथर सब तन डोले कान क लवर झन्न होइ जाय सनामन्न सब ताल इनारा खेत डगर बगिया च...

न जाने तुमने ऊपर वाले से क्या क्या कहा होगा ... 2 Jan 2013 | 09:04 am

न जाने क्या हुआ है हादसा गमगीन मंज़र है शहर मे खौफ़ का पसरा हुआ एक मौन बंजर है फिजाँ मे घुट रहा ये मोमबत्ती का धुआँ कैसा बड़ा बेबस बहुत कातर सिसकता कौन अन्दर है सहम कर छुप गयी है शाम की रौनक घरोंदों ...

मेरी दुवाओं का अंजाम भी पाए कोई 2 Sep 2012 | 02:24 pm

कभी तो सामने अंजाम भी आए कोई मेरी दुवाओं का असर भी तो पाए कोई किसी का नाम जुबां पर न सही दिल मे है कभी तस्वीर को आईना बनाए कोई कोरे कागज़ के पैरहन कभी रंगीन भी हों रंग बरसाए कभी झूम के गाए कोई जि...

गज़ल 5 Jul 2012 | 11:14 am

फिर से घनघोर घाटा छाई है अमराई मे कहाँ हो आन मिलो शाम की तनहाई मे विरह की आग पे छींटे न दे अरे बादल कहीं धुआँ न उठे फिर कहीं रुसवाई मे चाँद बेज़ार भटकता रहा सरे मंज़र चाँदनी खोई बादलों की तमाशाई मे र...

क्यों नपुंसक हो गयी हैं आंधियाँ 3 May 2012 | 01:30 am

कहाँ जाने खो गयी हैं आँधियाँ क्यों नपुंसक हो गयी हैं आंधियाँ हवाएँ पश्चिम से कुछ ऐसे चलीं युवा मन मे सो गयी हैं आंधियाँ मुट्ठियाँ सब बुद्धिजीवी हो गयीं और तनहा हो गयी हैं आँधियाँ आज घर मे शान्ति है...

कैक्टस गुलाब और गुलाब जामुन 25 Mar 2012 | 02:09 am

लव गुरु से किसी चेले ने पूछा एक दिन गुरु नारियों के भेद आज बतलाइए कैसे किस नज़र से देखे कोई कामिनी को सार सूत्र सुगम सकल समझाइए गुरु बोला पहला प्रकार तो है कैक्टस का दूसरे प्रकार की गुलाब जैसी होती ह...

भेरी आवाज़ लगाती है 13 Feb 2012 | 05:03 pm

अब जाग उठो अब कमर कसो आहुति की राह बुलाती है ललकार रही दुनिया हमको भेरी आवाज़ लगाती है भारत माता के वीर सपूतो धारा की पहचान करो नावों के बंधन को खोलो पतवार उठा प्रस्थान करो फिर नए लक्ष्य की चाह विजय...

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